Thursday, May 16, 2024

राम द्वारा सीता परित्याग की पृष्ठभूमि

- वाल्मीकिरामायण 7:43:15 के अनुसार भद्र नामक सहचर और विदूषक ने राम को जनसाधारण में सीता के चारित्रिक शुद्धता को लेकर लोकापवाद के बारे में विस्तार से बताया. 7:45:12 में सीता को लेकर ‘पौरापवाद’ और जनपद में ‘अकीर्ति’ फैलने के कारण राम ने सीता को तपोवन भेजने का निर्णय किया. 

- वाल्मीकि रामायण की एकदम यही बात रघुवंशम 14:32 में वर्णित है. 

- उत्तररामचरितम 1:40 में दुर्मुख नामक गुप्तचर राम को नगर और जनपद के लोगों के बीच सीता के चरित्र को लेकर फैले अफवाह के बारे में बताता है. 

- पद्मपुराण1:36:09 में सीता के त्याग का भी उल्लेख है, ‘लोकवाक्याद्विसर्जिता’. पद्मपुराण 5:56:23 में गुप्तचर राम को एक धोबी (रजक) द्वारा सीता की पवित्रता पर संदेह को लेकर राजा की निंदा करने वाली बात कही.

- भागवतपुराण 09:11:08 अपनी प्रजा की स्थिति जानने के लिये रात में घूमते हुए राम ने किसी व्यक्ति द्वारा उसकी पत्नी से सीता की पवित्रता पर संदेह वाली बात खुद सुनी.

- रामचरितमानस में राम द्वारा सीता के परित्याग का पूरा प्रसंग ही छोड़ दिया गया.


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